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IPS शरद सत्य चौहान और हरप्रीत सिंह सिद्धू दरकिनार, भगवंत मान ने गौरव यादव को बनाया पंजाब का डीजीपी

पंजाब सरकार ने 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी गौरव यादव को राज्य का नियमित पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नियुक्त किया। गौरव यादव को जुलाई 2022 में कार्यवाहक डीजीपी नियुक्त किया गया था। चंडीगढ़ : पंजाब की भगवंत मान सरकार ने 1992 ब…

Navbharat Times के अनुसार10 अक्टूबर 2026 को 02:05 am बजे
IPS शरद सत्य चौहान और हरप्रीत सिंह सिद्धू दरकिनार, भगवंत मान ने गौरव यादव को बनाया पंजाब का डीजीपी

सौजन्य से:- Navbharat Times

पंजाब सरकार ने 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी गौरव यादव को राज्य का नियमित पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नियुक्त किया। गौरव यादव को जुलाई 2022 में कार्यवाहक डीजीपी नियुक्त किया गया था।

चंडीगढ़ : पंजाब की भगवंत मान सरकार ने 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी गौरव यादव को राज्य का नियमित पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नियुक्त किया। राज्य सरकार ने इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर लंबे समय से चली आ रही कार्यवाहक डीजीपी की व्यवस्था को समाप्त कर दिया है। 57 वर्षीय गौरव यादव जुलाई 2022 से पंजाब पुलिस के कार्यवाहक डीजीपी के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे थे। उन्हें संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की ओर से अनुशंसित तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के पैनल में से चुना गया है। पैनल में शामिल अन्य दो अधिकारियों में शरद सत्य चौहान और हरप्रीत सिंह सिद्धू के नाम थे।

गौरव यादव की नियुक्ति की प्रक्रिया कई महीनों से लंबित थी। यूपीएससी ने जुलाई में राज्य सरकार को अधिकारियों का पैनल भेजा था, जिसके बाद नियमित डीजीपी की नियुक्ति को लेकर अंतिम निर्णय का इंतजार किया जा रहा था।

हाई कोर्ट ने किया था हस्तक्षेप

इस मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने भी हस्तक्षेप किया था। अदालत ने 1 अक्टूबर को राज्य सरकार को नियमित डीजीपी की नियुक्ति पर उचित निर्णय लेने का निर्देश दिया था। साथ ही मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा से 13 अक्टूबर तक अनुपालन हलफनामा दाखिल करने को कहा था।

2022 में मिला था प्रभार

गौरव यादव को जुलाई 2022 में तत्कालीन डीजीपी वी.के. भावरा के छुट्टी पर जाने के बाद पंजाब पुलिस प्रमुख का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया था। उस समय वह विशेष डीजीपी (प्रशासन) के पद पर कार्यरत थे और मुख्यमंत्री भगवंत मान के कार्यालय से भी जुड़े हुए थे।

मैं पंजाब में शांति और सद्भाव बनाए रखने की पंजाब पुलिस की प्रतिबद्धता दोहराता हूं। राष्ट्रविरोधी तत्वों को अपने नापाक मंसूबों में कामयाब नहीं होने दिया जाएगा। वे कहीं भी छिपे हों, चाहे भारत में या विदेश में, पंजाब पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर न्याय के कटघरे में लाएगी। गैंगस्टर और उनके नेटवर्क के खिलाफ अभियान तेज किए जाएंगे।

गौरव यादव, पंजाब डीजीपी

कार्यवाहक डीजीपी के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान गौरव यादव ने राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ नशा तस्करी और गैंगस्टर नेटवर्क जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए पुलिस बल का नेतृत्व किया। संगठित अपराध पर अंकुश लगाना, नशा विरोधी अभियान को मजबूत करना और पुलिस व्यवस्था में सुधार करना राज्य पुलिस की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल रहा।

आदेश में क्या

नियुक्ति संबंधी आदेश में कहा गया है कि संघ लोक सेवा आयोग से प्राप्त पैनल पर विचार करने के बाद पंजाब के राज्यपाल श्री गौरव यादव, आईपीएस को पंजाब का पुलिस महानिदेशक (पुलिस बल प्रमुख) नियुक्त करते हैं।” गृह मामलों के विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आलोक शेखर के हस्ताक्षर से जारी आदेश के अनुसार, गौरव यादव का कार्यकाल पदभार ग्रहण करने की तारीख से न्यूनतम दो वर्ष का होगा। आदेश में पुलिस सुधारों से संबंधित प्रकाश सिंह एवं अन्य बनाम भारत संघ एवं अन्य मामले में सुप्रीम कोर्ट के 22 सितंबर 2006 और 3 जुलाई 2018 के निर्देशों का भी उल्लेख किया गया है।

गौरव यादव की नियमित डीजीपी के रूप में नियुक्ति से पंजाब पुलिस के शीर्ष पद पर उनकी स्थिति औपचारिक हो गई है। वह चार साल से अधिक समय तक कार्यवाहक प्रमुख की भूमिका निभाने के बाद अब नियमित रूप से राज्य पुलिस का नेतृत्व करेंगे। यह नियुक्ति राज्य के पुलिस प्रशासन के लिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि लंबे समय से अतिरिक्त प्रभार के आधार पर डीजीपी की जिम्मेदारी संभाले जाने को लेकर सवाल उठते रहे थे।

लेखक के बारे मेंशशि मिश्राशशि पांडेय मिश्रा नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में प्रिंसिपल डिजिटल कॉन्टेंट प्रॉड्यूसर (Principal Digital Content Producer) हैं। वह नवभारत टाइम्स में महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर, बंगाल, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र-प्रदेश, पंजाब-हरियाणा, केरल, गोवा समेत नॉर्थ ईस्ट के राज्य की खबरों पर काम करती हैं। प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल पत्रकारिता में उनका 18 साल का लंबा अनुभव है। इस दौरान उन्होंने रिपोर्टर और डेस्क पर विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है। शशि पांडेय मिश्रा ने सितंबर 2017 में नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जॉइन किया था। उन्होंने अपनी पत्रकारिता के दौरान राजनीति, क्राइम, ह्यूमन ऐंगल स्टोरीज पर काम किया। इस दौरान समाजिक मुद्दों से जुड़े कई स्टिंग भी किए। कई स्पेशल खबरें कीं, जो नेशनल स्तर पर सुर्खियां बनीं। नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में गुजरात चुनाव के दौरान स्पेशल ग्राउंड स्पोर्टिंग की। देश की राजनीति, पर्यावरण, महिलाओं और बच्चों से जुड़े मुद्दे और क्राइम की खबरें लिखना पसंद है।

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पत्रकारिता अनुभव: अखबार, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और डिजिटल मीडिया में 18 साल से कार्यरत

शशि पांडेय मिश्रा ने साल 2007 में पत्रकारिता की शुरुआत दैनिक जागरण से की। उससे पहले अमर उजाला में इंटर्नशिप की। दैनिक जागरण के बाद आई नेक्स्ट में काम किया। फिर सहारा समय चैनल जॉइन किया। लेकिन लेखन का शौक इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से वापस प्रिंट की तरफ ले आया। लखनऊ में कैनविज टाइम्स में काम किया और उसके बाद नवभारत टाइम्स अखबार में। यहां से नवभारत टाइम्स के डिजिटल प्लेटफॉर्म में काम की शुरुआत की। नवभारत टाइम्स वेबसाइट में काम करते हुए शानदार कवरेज के लिए कई बार संस्थान की ओर से सम्मानित किया गया है। इससे पहले भी हर संस्थान में बेस्ट रिपोर्टिंग के अवॉर्ड मिले।

शशि पांडेय मिश्रा ने कानपुर यूनिवर्सिटी से अंग्रेजी में पोस्ट ग्रैजुएनशन किया है। उसके अलावा विद्या इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट और जर्नलिज्म से पत्रकारिता की पढ़ाई की।

पुरस्कार: दैनिक जागरण कानपुर में पहली महिला पत्रकार होने का सम्मान मिला। आईनेक्स्ट में बेस्ट रिपोर्टर का अवॉर्ड, नवभारत टाइम्स अखबार में बेस्ट रिपोर्टर का अवॉर्ड, नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में भी अवॉर्ड मिला।

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