होम›क्राइम›पंजाब के पूर्व CM बेअंत सिंह के बेटे से चंडीगढ़ में सरकारी आवास नहीं खाली करा पाएगा कोई, हाईकोर्ट में याचिका खारिज - beant singhs son stays in govt house high court dismisses plea
क्राइम

पंजाब के पूर्व CM बेअंत सिंह के बेटे से चंडीगढ़ में सरकारी आवास नहीं खाली करा पाएगा कोई, हाईकोर्ट में याचिका खारिज - beant singhs son stays in govt house high court dismisses plea

पंजाब के पूर्व CM बेअंत सिंह के बेटे से चंडीगढ़ में सरकारी आवास नहीं खाली करा पाएगा कोई, हाईकोर्ट में याचिका खारिज हाईकोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के बेटे तेज प्रकाश सिंह के चंडीगढ़ स्थित सरकारी आवास में रहने को…

Jagran के अनुसार9 अक्टूबर 2026 को 10:05 pm बजे
पंजाब के पूर्व CM बेअंत सिंह के बेटे से चंडीगढ़ में सरकारी आवास नहीं खाली करा पाएगा कोई, हाईकोर्ट में याचिका खारिज
 - beant singhs son stays in govt house high court dismisses plea

सौजन्य से:- Jagran

पंजाब के पूर्व CM बेअंत सिंह के बेटे से चंडीगढ़ में सरकारी आवास नहीं खाली करा पाएगा कोई, हाईकोर्ट में याचिका खारिज

हाईकोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के बेटे तेज प्रकाश सिंह के चंडीगढ़ स्थित सरकारी आवास में रहने को चुनौती ...और पढ़ें

HighLights

- विशेष परिस्थितियों में सुप्रीम कोर्ट के सामान्य निर्देश लागू नहीं होंगे।

- सुरक्षा और खुफिया सूचनाओं के आधार पर फैसला लिया गया।

- परिवार को अभी भी आतंकवादी हमले का खतरा बताया गया।

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के बेटे तेज प्रकाश सिंह के चंडीगढ़ स्थित सरकारी आवास में रहने को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी।

मुख्य न्यायाधीश अश्वनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति रोहित कपूर की खंडपीठ ने कहा कि चंडीगढ़ प्रशासन ने सुरक्षा और खुफिया सूचनाओं पर विचार के बाद उन्हें आवास में रहने देने का सोच-समझकर फैसला लिया है।

विशेष परिस्थितियों वाले इस मामले में सरकारी आवास खाली कराने के सुप्रीम कोर्ट के सामान्य निर्देशों के आधार पर प्रशासन के निर्णय को चुनौती नहीं दी जा सकती।

प्रशासन के हलफनामे के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की आतंकवादी हमले में हत्या हुई थी और उनके परिवार को अब भी सुरक्षा संबंधी खतरे हैं। सेक्टर पांच स्थित आवास में तेज प्रकाश सिंह के रहने पर आवास आवंटन समिति ने विचार किया था।

छह जून को जारी पत्र में चंडीगढ़ और पंजाब क्षेत्र में हाल के ग्रेनेड हमलों और आतंकवादी घटनाओं, चरमपंथी संगठनों की सक्रियता, लगातार मिल रही धमकियों, इंटरनेट मीडिया पर शत्रुतापूर्ण अभियानों और खुफिया सूचनाओं का उल्लेख किया गया था। प्रशासन ने आशंका जताई कि परिवार को मौजूदा आवास से दूसरी जगह भेजने पर सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

सुरक्षा समिति ने मौजूदा आवास को बताया उपयुक्त

संयुक्त सुरक्षा समिति ने मौजूदा आवास को परिवार के लिए रणनीतिक रूप से उपयुक्त और सुरक्षित बताया। वहां तैनात सुरक्षा कर्मियों और उपलब्ध ढांचे को संतोषजनक मानते हुए समिति ने सुरक्षा और निगरानी मजबूत करने के लिए अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाने की सिफारिश की।

हाईकोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का उद्देश्य सेवानिवृत्ति के बाद सरकारी कर्मचारियों के आवास पर अनधिकृत कब्जे को रोकना था। तेज प्रकाश सिंह का मामला इससे अलग है, क्योंकि प्रशासन ने सुरक्षा आकलन के आधार पर उन्हें आवास में रहने देना उचित माना है।

हाईकोर्ट कर्मचारियों के आवास की मरम्मत पर जवाब तलब

इसी जनहित याचिका से जुड़े मामले में हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ प्रशासन के मुख्य अभियंता से व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल कर पूछा है कि हाईकोर्ट कर्मचारियों को आवंटित सरकारी आवासों की आवश्यक मरम्मत अब तक क्यों नहीं हुई। खंडपीठ ने मरम्मत का काम प्राथमिकता से पूरा कर अदालत को जानकारी देने का निर्देश दिया। मामले की अगली सुनवाई 26 नवंबर को होगी।

Powered by Punjab Lehar

संबंधित ख़बरें