चुनाव से पहले अकाली दल के लिए अमृतपाल सिंह का 'वारिस पंजाब दे' एक नई चुनौती, समझिए कैसे
हरियाणा से लेकर कनाडा और UK से लेकर फ्रांस और कुवैत तक, जेल में बंद MP अमृतपाल सिंह की अगुवाई वाली 'वारिस पंजाब दे' संगठन अपना दायरा बढ़ा रही है। 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले यह संगठन देश और विदेश में सिखों का…

सौजन्य से:- navbharattimes.indiatimes.com
हरियाणा से लेकर कनाडा और UK से लेकर फ्रांस और कुवैत तक, जेल में बंद MP अमृतपाल सिंह की अगुवाई वाली 'वारिस पंजाब दे' संगठन अपना दायरा बढ़ा रही है। 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले यह संगठन देश और विदेश में सिखों का समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहा है।
चंडीगढ़: 2027 के चुनावों से पहले, पंजाब में एक नई राजनीतिक लड़ाई देखने को मिल रही है, क्योंकि शिरोमणि अकाली दल को अमृतपाल सिंह के नेतृत्व वाले संगठन ' वारिस पंजाब दे ' से चुनौती मिल रही है। यह प्रतिद्वंद्विता खास तौर पर 'पंथिक' राजनीति के दायरे में अहम है, जो पारंपरिक रूप से अकाली दल से जुड़ा रहा है। 2024 के लोकसभा चुनाव में खडूर साहिब से अमृतपाल सिंह की जीत ने 'वारिस पंजाब दे' को एक मजबूत राजनीतिक आधार दिया। अब यह संगठन 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले अपनी मौजूदगी बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।
SAD अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने राजनीतिक रैलियों में बार-बार अमृतपाल सिंह और 'वारिस पंजाब दे' पर निशाना साधा है। उन्होंने इस समूह को अपने प्रचार का मुख्य केंद्र बनाया है।
आप पर वारिस पंजाब दे को यूज करने का आरोप
सुखबीर सिंह बादल ने 'वारिस पंजाब दे' को एक वायरस बताया है और अमृतपाल सिंह की राजनीतिक साख पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने 2023 की अजनाला घटना और दुबई से लौटने के बाद अमृतपाल के राजनीतिक उभार को लेकर भी उनकी आलोचना की है। सुखबीर बादल ने यह भी आरोप लगाया है कि आम आदमी पार्टी 'वारिस पंजाब दे' का इस्तेमाल पंथिक वोटों को बांटने के लिए कर रही है।
मनप्रीत सिंह अयाली ने दिया ट्विस्ट
शिरोमणि अकाली दल ने दावा किया है कि AAP और इस संगठन के बीच कोई समझौता है। उन्होंने कहा कि यह एक ऐसा आरोप है जिस पर दोनों पार्टियों को जवाब देना होगा। 'वारिस पंजाब दे' के खेमे में डाखा के MLA मनप्रीत सिंह अयाली के शामिल होने से इस राजनीतिक मुकाबले में एक नया मोड़ आ गया है।
अमृतपाल, अयाली, दोनों पर निशाना
अयाली के इस कदम से मालवा इलाके में संगठन की पहचान बढ़ी है। मुकाबला अमृतपाल के गढ़ 'खडूर साहिब' से आगे निकल गया है। इसके बाद सुखबीर ने अमृतपाल और अयाली, दोनों पर अपने हमले तेज कर दिए हैं और खासकर उनकी राजनीतिक और धार्मिक स्थिति पर सवाल उठाए हैं।
पंथिक वोटर्स को लेकर दिखी होड़
यह आपसी प्रतिद्वंद्विता छप्पर मेले में भी दिखी, जहां SAD और 'वारिस पंजाब दे' प्रमुख प्रतिस्पर्धी राजनीतिक ताकतों के तौर पर उभरे, जिससे पंथिक वोटरों को लेकर बढ़ती होड़ साफ जाहिर हुई। इसलिए, अकाली दल के लिए चुनौती सिर्फ AAP, कांग्रेस और BJP तक ही सीमित नहीं है। यह एक नए संगठन के सामने अपनी पारंपरिक राजनीतिक जगह बनाए रखने की भी चुनौती है, जो एक वैकल्पिक पंथिक पहचान बनाने की कोशिश कर रहा है।
वारिस पंजाब दे के लिए बड़ी परीक्षा
'वारिस पंजाब दे' के लिए, 2027 का चुनाव पहली बड़ी परीक्षा होगी। क्या अमृतपाल सिंह की चुनावी अपील को एक बड़े राजनीतिक संगठन में बदला जा सकता है या नहीं, इसका जवाब पंजाब विधानसभा चुनाव रिजल्ट 2027 के बाद ही मिलेगा। इसलिए, SAD और 'वारिस पंजाब दे' के बीच की लड़ाई 2027 के चुनावों के अहम उप-मुद्दों में से एक बन सकती है। यह मुकाबला रैलियों और बयानों से आगे बढ़कर विधानसभा क्षेत्रों में जमीनी लड़ाई की ओर बढ़ रहा है।
लेखक के बारे मेंशशि मिश्राशशि पांडेय मिश्रा नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में प्रिंसिपल डिजिटल कॉन्टेंट प्रॉड्यूसर (Principal Digital Content Producer) हैं। वह नवभारत टाइम्स में महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर, बंगाल, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र-प्रदेश, पंजाब-हरियाणा, केरल, गोवा समेत नॉर्थ ईस्ट के राज्य की खबरों पर काम करती हैं। प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल पत्रकारिता में उनका 18 साल का लंबा अनुभव है। इस दौरान उन्होंने रिपोर्टर और डेस्क पर विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है। शशि पांडेय मिश्रा ने सितंबर 2017 में नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जॉइन किया था। उन्होंने अपनी पत्रकारिता के दौरान राजनीति, क्राइम, ह्यूमन ऐंगल स्टोरीज पर काम किया। इस दौरान समाजिक मुद्दों से जुड़े कई स्टिंग भी किए। कई स्पेशल खबरें कीं, जो नेशनल स्तर पर सुर्खियां बनीं। नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में गुजरात चुनाव के दौरान स्पेशल ग्राउंड स्पोर्टिंग की। देश की राजनीति, पर्यावरण, महिलाओं और बच्चों से जुड़े मुद्दे और क्राइम की खबरें लिखना पसंद है।
देश का राजनीतिक तनाव हो या कूटनीतिक घटनाक्रम, सबसे पहले खबर देना। उस खबर से भारत पर और लोगों पर क्या असर पड़ेगा इस पर काम करना प्राथमिकता है। इसके अलावा भारत और दुनिया भर में बसे हिंदी के पाठकों को खास खबर, खबर की सत्यता, पुष्ट खबरें और वीडियो के जरिए विश्लेषण देना शशि पांडेय मिश्रा की पहली प्राथमिकता रहती है।
विशेषज्ञता- भारत का राजनीतिक घटनाक्रम, पर्यावरण, क्राइम, स्वास्थ्य, महिलाओं और बच्चों से संबंधित मुद्दों पर लिखना
पत्रकारिता अनुभव: अखबार, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और डिजिटल मीडिया में 18 साल से कार्यरत
शशि पांडेय मिश्रा ने साल 2007 में पत्रकारिता की शुरुआत दैनिक जागरण से की। उससे पहले अमर उजाला में इंटर्नशिप की। दैनिक जागरण के बाद आई नेक्स्ट में काम किया। फिर सहारा समय चैनल जॉइन किया। लेकिन लेखन का शौक इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से वापस प्रिंट की तरफ ले आया। लखनऊ में कैनविज टाइम्स में काम किया और उसके बाद नवभारत टाइम्स अखबार में। यहां से नवभारत टाइम्स के डिजिटल प्लेटफॉर्म में काम की शुरुआत की। नवभारत टाइम्स वेबसाइट में काम करते हुए शानदार कवरेज के लिए कई बार संस्थान की ओर से सम्मानित किया गया है। इससे पहले भी हर संस्थान में बेस्ट रिपोर्टिंग के अवॉर्ड मिले।
शशि पांडेय मिश्रा ने कानपुर यूनिवर्सिटी से अंग्रेजी में पोस्ट ग्रैजुएनशन किया है। उसके अलावा विद्या इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट और जर्नलिज्म से पत्रकारिता की पढ़ाई की।
पुरस्कार: दैनिक जागरण कानपुर में पहली महिला पत्रकार होने का सम्मान मिला। आईनेक्स्ट में बेस्ट रिपोर्टर का अवॉर्ड, नवभारत टाइम्स अखबार में बेस्ट रिपोर्टर का अवॉर्ड, नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में भी अवॉर्ड मिला।
शशि पांडेय मिश्रा की स्पेशल खबरें
- सरकारी शेल्टर होम में अव्यवस्थाओं के लेकर स्पेशल खबर की। यहां अंदर कोई नहीं जा सकता था तो इस दौरान सफाई कर्मचारी बनकर अंदर गई और स्टिंग किया।
- कानपुर में राहुल गांधी की स्पेशल विजिट के दौरान डॉक्टर बनकर अस्पताल के अंदर गई और स्पेशल खबर निकाली।
- कानपुर जू में जानवरों की हालत और प्रदूषण पर लगातार स्पेशल स्टोरीज कीं, इन छपी खबरों के अखबार संसद के अंदर लहराकर मेनका गांधी ने सवाल उठाए। खबरों को संज्ञान लिया गया और बड़ा एक्शन हुआ।
- लखनऊ में विधानसभा से लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय तक खिलौना पिस्तौल लेकर अंदर घुसी, लखनऊ के नामी स्कूलों में भी पिस्तौल लेकर घूमी और सुरक्षा में सेंध का स्टिंग किया।
- केंद्र सरकार की पालना गृह योजना में हजारों करोड़ रुपये के घोटाले का खुलासा किया। खबरों को हाई कोर्ट ने संज्ञान में लिया और मामले में सीबीआई जांच बैठी।
- महिला सुरक्षा की जांच के लिए पूरी दिन और आधी रात तक 30 किलोमीटर पैदल चली और सुरक्षा के इंतजाम की पोल खोली।
- मायावती के सीएम रहने के दौरान स्पेशल खबर के लिए उस अस्पताल में मरीज बनकर भर्ती हुई, जहां उनकी विजिट थी और स्पेशल कवेज की।... और पढ़ें
कन्वर्सेशन शुरू करें
Stateकी ताजा खबरें, ब्रेकिंग न्यूज, अनकही और सच्ची कहानियां, सिर्फ खबरें नहीं उसका विश्लेषण भी। इन सब की जानकारी, सबसे पहले और सबसे सटीक हिंदी में देश के सबसे लोकप्रिय, सबसे भरोसेमंद Hindi Newsडिजिटल प्लेटफ़ॉर्म नवभारत टाइम्स पर
Powered by Punjab Lehar
संबंधित ख़बरें

चंडीगढ़ के वैज्ञानिकों का दुनिया में डंका, स्टैनफोर्ड की टॉप-2% सूची में PGI-PU के 111 शोधकर्ता

चंडीगढ़ का जलवा: दुनिया के शीर्ष 2% वैज्ञानिकों में हमारे 111 शोधकर्ताओं का नाम, शोध के दम पर वैश्विक पहचान

OPD List: पंजाब के 4 जिलों के प्रमुख अस्पतालों में आज होगी ओपीडी, जानें शनिवार को कौन डॉक्टर रहेगा उपलब्ध - opd list 10th october doctors available in punjab districts amritsar jalandhar ludhiana patiala bathinda

