पंजाब के 50 वार्डों के चुनाव SC ने किए रद्द, अब HC की निगरानी में होगी प्रक्रिया
पंजाब के 50 वार्डों के चुनाव SC ने किए रद्द, अब HC की निगरानी में होगी प्रक्रिया चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्य कांत, जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने 6 सप्ताह के भीतर इन 50 वार्डों में नए सिरे से निष्पक…

सौजन्य से:- ABP News
पंजाब के 50 वार्डों के चुनाव SC ने किए रद्द, अब HC की निगरानी में होगी प्रक्रिया
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्य कांत, जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने 6 सप्ताह के भीतर इन 50 वार्डों में नए सिरे से निष्पक्ष चुनाव कराने का आदेश दिया है.
पंजाब के पटियाला और मोगा जिलों के 50 नगर निगम वार्डों के चुनावों को सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया है. कोर्ट का यह कड़ा फैसला उस जांच रिपोर्ट के बाद आया है, जिसमें चुनाव प्रक्रिया के दौरान भारी धांधली, हिंसा और प्रत्याशियों को पर्चा भरने से रोकने के सनसनीखेज खुलासे हुए हैं.
चीफ जस्टिस सूर्य कांत, जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने 6 सप्ताह के भीतर इन 50 वार्डों में नए सिरे से निष्पक्ष चुनाव कराने का आदेश दिया है.
क्या है मामला?
विपक्ष के उम्मीदवारों ने आरोप लगाया था कि चुनाव के दौरान उन्हें पर्चा दाखिल करने से जबरन रोका गया. इसके लिए उनके साथ मारपीट की गई और उनके नामांकन पत्र छीने और फाड़े गए. मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मार्च 2025 में पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट की पूर्व जज जस्टिस निर्मलजीत कौर को जांच का जिम्मा सौंपा था.
जस्टिस कौर की तरफ से सौंपी गई जांच रिपोर्ट से सामने आया कि पटियाला के 28 वार्डों में विपक्षी उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने ही नहीं दिया गया. दो और वार्ड में भी फर्जी वोटिंग और डराने-धमकाने के सबूत मिले. इसके अलावा, मोगा में धर्मकोट के 7 और बाघापुराना के सभी 15 वार्डों में योजनाबद्ध तरीके से धांधली की गई और विपक्षी उम्मीदवारों को बाधाएं पहुंचाई गईं.
मामले में सुप्रीम कोर्ट ने क्या दिए निर्देश?
इस रिपोर्ट को देखने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने सभी 50 वार्डों के चुनाव रद्द कर दिए और दोबारा चुनाव का आदेश दिया. पंजाब सरकार की तरफ से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कोर्ट को बताया कि राज्य सरकार को जांच रिपोर्ट की सिफारिशों पर कोई आपत्ति नहीं है.
इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव को पूरी तरह से पारदर्शी रखने के लिए कई निर्देश भी दिए.
- पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस सीनियर वकीलों की मॉनिटरिंग कमिटी का गठन करें. यह कमेटी चुनाव की निगरानी करेगी.
- नामांकन से लेकर मतदान तक पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी होगी.
- मॉनिटरिंग कमेटी की रिपोर्ट देखने के बाद जब हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस की संतुष्ट होंगे, तभी चुनाव परिणाम की घोषणा की जाएगी.
सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया है कि मामले के तथ्यों को देखते हुए यह निर्देश दिए गए हैं. उसका आदेश सिर्फ इस चुनाव के लिए है. इसे भविष्य के दूसरे चुनावों के लिए उदाहरण की तरह न देखा जाए.
यह भी पढ़ेंः वेणुगोपाल को राहुल गांधी की हिदायत, जो MP प्रदर्शन में नहीं आए उनकी बने लिस्ट
Powered by Punjab Lehar
संबंधित ख़बरें

'हमारी बहनों की तौहीन की, अब बयान बदल रहे हैं', लुधियाना के शाही इमाम ने धीरेंद्र शास्त्री पर साधा निशाना - ludhiana hanumant katha dhirendra shastri shahi imam over muslim remark controversy

Jalandhar: Dera Ballan chief’s visit to Rajbir Singh Ghuman’s aide creates ripples - The Tribune

पंजाब की 50 वार्डों में फिर होंगे नगर निगम चुनाव, सुप्रीम कोर्ट ने 6 सप्ताह में मतदान का दिया आदेश - punjab municipal elections 50 wards supreme court fresh polls patiala moga

